‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का संदेश देने वाले महान संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर हजारीबाग के हुरहुरू स्थित रविदास मोहल्ला में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। पूरा मोहल्ला भक्ति गीतों, भजनों और जयकारों से गूंज उठा। वक्ताओं ने संत रविदास जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने मानवता, प्रेम, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया।
सुबह गाजे-बाजे के साथ भक्ति एवं जागरूकता यात्रा निकाली गई। इसके बाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को संत जी के विचारों से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि रविदास जयंती सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक है।
मोहल्लेवासियों ने संत रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ (दुखरहित समाज) की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

