विनोबा भावे विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ 77 वा गणतंत्र दिवस समारोह

आज के दिन ही हमने अपने को संविधान दिया था। संविधान के माध्यम से हमने तय किया था कि हम किन मूल्यों पर चलकर भारत को फिर से एक सशक्त, समृद्ध राष्ट्र बनाएंगे। दुनिया की कल्याण की बात करेंगे। यह वही मूल्य थे जिनको लेकर हमने आजादी की लड़ाई लड़ी थी। उक्त बातें विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने सोमवार को कहीं। वह बिनोदिनी पार्क में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में अपना अभिभाषण प्रस्तुत कर रहे थे। 

उन्होंने आगे कहा कि हम दुनिया में सबसे अच्छे थे। हमें इस बात का गर्व है और इसी को हमें फिर से स्थापित करना है नई शिक्षा नीति 2020 उन्हीं मूल्यों  पर आधारित है। जब विकसित भारत 2047 बनेगा तो वह भी इन्हीं मूल्यों को लेकर बनेगा। 

कुलपति ने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग नई शिक्षा नीति 2020 में समाहित आजादी और संविधान के मूल्यों को स्थापित करने के प्रति समर्पित है। हम विश्वविद्यालय को केवल भारत के मानचित्र में नहीं बल्कि पूरे दुनिया के लिए एक उदाहरण बनाना चाहते हैं।

बाबासाहेब डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर को याद करते हुए कुलपति ने कहा कि उनके जैसा विश्व ज्ञानी की अगुवाई में यह संविधान बना था। हमारा पुराना समाज समावेशी था। महिला और पुरुष को साथ लेकर चलने वाला समाज था। बीच में विदेशी प्रभाव ने हमारे व्यवस्था को नष्ट किया। इस संविधान के माध्यम से हम फिर अपने पूर्ण समावेशी समाज को स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहां कि विश्वविद्यालय में हर तरह की गतिविधि हो और हमारे बच्चे समावेशी सोच के बने।

प्रो शर्मा ने कहा कि संविधान की बहुत बड़ी खासियत है की इसमें स्त्री और पुरुष को बराबर का अधिकार दिया गया है। यह तो हमारे डीएनए में है। हमारे शिक्षण संस्थानों में बहुत प्रारंभ से ही स्त्री और पुरुष एक साथ शिक्षा ग्रहण करते रहे। उन्होंने बताया कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय में सभी तरह की गतिविधियों में महिलाएं बढ़-कर कर भाग ले रही हैं। इस संबंध में उन्होंने हाल ही में आयोजित युवा महोत्सव “झूमर” का उदाहरण दिया। कहा कि हमें एक महिला कुलसचिव मिली है,

यह गर्व का विषय है। बताया की विश्व में विश्वविद्यालय-डिग्री प्राप्त करने वाली पहली महिला भारत की थी, कोलकाता विश्वविद्यालय की थी।

कुलपति ने विश्वविद्यालय के कई विभाग और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा हमारे कार्यकलाप नियमों से बंधे होने चाहिए। हमें संविधान का और एक्ट-स्टैट्यूट का सम्मान करनी चाहिए। हम सबको अच्छे कानून का अनुपालन करते हुए एक समतामूलक समाज के गठन की दिशा में विश्वविद्यालय को लेकर चलना है।

इससे पूर्व अपने आवास में झंडा फहराने के बाद कुलपति विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर सबसे पहले आचार्य विनोबा भावे की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण किए। उसके बाद मुख्य मंच पर पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं आचार्य विनोबा भावे के चित्र पर पुष्प अर्पण किया। परेड का निरीक्षण करने के उपरांत निर्धारित समय पर कुलपति ने झंडा को फहराया। कुलपति के अभिभाषण के बाद एनसीसी के नेतृत्व में शानदार मार्च पास्ट की प्रस्तुति हुई। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय की प्रथम महिला श्रीमती सरिता शर्मा, वित्त सलाहकार श्री अखिलेश शर्मा, विश्वविद्यालय के अधिकारी, आमंत्रित अतिथि, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील कुमार दुबे एवं डॉ मृत्युंजय प्रसाद ने किया।

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