हजारीबाग जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल: सुशासन की दिशा में योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन हेतु समेकित निरीक्षण एवं समीक्षा अभियान

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By Sourav Anurag

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार आज एक नवीन पहल के तहत सभी 16 प्रखंडों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसमस्याओं के त्वरित समाधान हेतु वरीय पदाधिकारियों द्वारा समेकित निरीक्षण एवं समीक्षा अभियान चलाया गया।

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह द्वारा पूर्व में ही सभी प्रखंडों के लिए वरीय पदाधिकारी नामित कर दिए गए थे, जिन्हें निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक मंगलवार क्षेत्र भ्रमण एवं जनता दरबार आयोजित कर जनता की शिकायतों, आवश्यकताओं एवं सुझावों को प्राथमिकता से सुनें और उनका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें।

आज के व्यापक निरीक्षण अभियान में सभी वरीय पदाधिकारी अपने-अपने नामित प्रखंडों में उपस्थित हुए तथा निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष समीक्षा एवं निरीक्षण किया:

विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच हेतु अधिकारियों ने बच्चों के साथ किया भोजन – एक सराहनीय और संवेदनशील पहल

विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर को लेकर हजारीबाग जिला प्रशासन ने एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की है। आज जिले के सभी 16 प्रखंडों में नामित वरीय पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों का निरीक्षण किया और बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया।

इस पहल का उद्देश्य केवल भोजन की गुणवत्ता जांचना नहीं था, बल्कि यह यह सुनिश्चित करना भी था कि बच्चों को स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन समय पर प्राप्त हो रहा है या नहीं। साथ ही इससे अधिकारियों को बच्चों की भोजन से जुड़ी प्राथमिकताओं, समस्याओं और व्यवहार को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।

अधिकारियों द्वारा बच्चों के साथ भोजन करने से जहां एक ओर बच्चों में उत्साह देखा गया, वहीं शिक्षकों और रसोइयों को भी यह संदेश गया कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह पहल क्यों है खास?

सीधे निरीक्षण से वास्तविक स्थिति की समझ – मात्र कागजों पर रिपोर्ट देखने के बजाय भोजन को खुद खाकर उसकी गुणवत्ता का मूल्यांकन करना।
बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान – पौष्टिक भोजन बच्चों के समग्र विकास के लिए अनिवार्य है।
उत्तरदायित्व और पारदर्शिता – भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों में भी जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई है।
हजारीबाग जिला प्रशासन की यह संवेदनशील पहल न केवल प्रशासनिक जागरूकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि जब अधिकारी मैदान में उतरते हैं, तो नीतियों का असर धरातल पर दिखने लगता है।
इस दौरान विद्यालयों में नामांकन की स्थिति, स्कूल प्रबंधन समिति की सक्रियता एवं शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया गया।

विभिन्न योजनाओं का स्थल निरीक्षण

मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के स्थल पर जाकर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा की गई।

राजस्व एवं म्यूटेशन प्रक्रिया

ऑनलाइन म्यूटेशन की स्थिति, लंबित मामलों की संख्या एवं निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की गई। वरीय पदाधिकारियों द्वारा सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन की स्थिति पर भी गहन समीक्षा की गई।

जनजातीय कल्याण एवं स्वास्थ्य

PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय को दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन किया गया। उपायुक्त ने इस संबंध में विशेष निर्देश दिए गए कि इस समुदाय के लोगों को सभी योजनाओं का लाभ ससमय मिले।
आधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता,स्वास्थ्य सुविधाओं,साफ सफाई एवं चिकित्सीय सेवाओं की उपलब्धता की जांच की गई।

कृषि एवं आपदा प्रबंधन

धान अधिप्राप्ति के द्वारा क्रय केंद्रों की कार्यशीलता, किसानों से वास्तविक धान क्रय की स्थिति, भंडारण एवं भुगतान की प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।

उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला में हो रही अत्यधिक वर्षा तथा कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने का आकलन कर सूची उपलब्ध कराने तथा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों एवं लोगों की स्थिति का आकलन कर सहायता वितरण की स्थिति की जानकारी ली गई।

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि “इस समेकित निरीक्षण का उद्देश्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना, लाभुकों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना तथा अधिकारियों की उत्तरदायित्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करना है।”

उपायुक्त ने सभी वरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं ताकि क्षेत्र भ्रमण के दौरान संज्ञान में आए मामलों का गहन समीक्षा कर समस्या के निराकरण की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

हजारीबाग जिला प्रशासन का यह समेकित प्रयास सुशासन, पारदर्शिता एवं जनसरोकारों की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

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