हाइरे कलि जुगवा बेटवा – अमित करमाली

हाइरे कलि जुगवा बेटवा

हाइरे कलि जुगवा
कमाल करल भारी

    बेटवाक पढ़ावे खातिर
    बेचली लोटा-थारी
    पढ़े-लिखे छाड़िक बेटा
    बनी गेल जूआरी
    हाइरे कलि जुगवा बेटवा
    कमाल करल भारी

रूपेक सुंदर जनी पाय
मांयेक दुधेक करज के बिसरल अनारी
जनीक बाते लागी मांयेक करे गारी-फारी
जनीक खातिर बेस – बेस काजर पाउडर
मांय लागिन जुटे नांञ एको टिकली
हाइरे कलि जुगवा बेटवा
कमाल करल भारी

     मांय बेचारी पिनधे लागइल
     चिकट,फाटल - चिटल साड़ी 
     ओकर बेटा-पुतोह
     पिनधे मेचिंग सफारी
     हाइरे कलि जुगवा बेटवा
     कमाल करल भारी

अनपढ़ गवारो दादा
मांगे ससुर से गाड़ी
गाड़ी नी मिले तो
बहुक करे थुरा- थूरी
हाइरे कलि जुगवा बेटवा
कमाल करल भारी

     घार- बारी बेचीक 
     दामादेक देलक हीरोहोंड़ा गाड़ी
     उ गाड़िये तेल भोरे
     खातिर जनीक बांधा साड़ी
     हाइरे कलि जुगवा बेटवा
     कमाल करल भारी

कवि – अमित करमाली

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