विवेकानंद ने कहा था सामाजिक बुराइयां अच्छे लोगों की निष्क्रियता से पनपती है: डॉ सजल मुखर्जी

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By Mukesh Ram Prajapati

स्वामी विवेकानंद की जयंती समारोह का आयोजन सोमवार शाम को स्थानीय यूनियन क्लब एवं लाइब्रेरी के केशव हाल में किया गया। महिला जागृति संघ, बेंगॉली एसोसीएशन तथा यूनियन क्लब एवं लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री बिकास चौधरी, डॉ सजल मुखर्जी, श्रीमती स्मिता मुखर्जी, श्रीमती रूपा चटर्जी एवं श्री सोमनाथ कुनार ने संयुक्त रूप से मंगलद्वीप प्रज्वलित किया।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ सजल मुखर्जी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन यात्रा एवं विचार यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया की स्वामीजी यह मानते थे की बुरे लोगों की संख्या कम होती है। यह तो अच्छे लोगों की निष्क्रियता है जो सामाजिक बुराइयों को पनपने का अवसर देता है। इसलिए उन्होंने मानव सेवा, शिक्षा और आत्मविश्वास के विकास पर जोर दिया ताकि लोग निष्क्रिय ना बने रहे। प्रोफेसर मुखर्जी ने आगे बताया कि विवेकानंद ने भय पर जबर्दस्त प्रहार किया। स्वामी विवेकानंद के अनुसार भय ही कमजोरी, अज्ञानता और दुखों का मूल कारण है। यह एक मानसिक बंधन है। निडर होकर तथा अपने आंतरिक शक्ति को पहचान कर ही भय पर विजय प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद द्वारा विश्व धर्म सम्मेलन, शिकागो में किए गए उद्बोधन के महत्वपूर्ण अंशो पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के विचार पर आधारित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई। श्रीमती तनुश्री मुखर्जी के निर्देशन में दो समूह गान प्रस्तुत किए गए। इसमें श्रीमती तापसी दास, श्रीमती पायल मुखर्जी, श्री सुहाष सर्वाधिकारी, श्री रमानाथ, श्रीमती संपा तथा श्री देवादित्य ने भाग लिया।

सुभश्री मुखर्जी ने एक भावपूर्ण नृत्य से सब का मन मोह लिया। मौके पर तनिष्का सोनल ने अर्थपूर्ण एकल गायन ने खूब तालियां बटोरी। श्रीमती मौमिता गांगुली ने पार्श्वसंगीत पर दमदार अभीभाषण प्रस्तुत किया। वही श्रीमती वर्षा दे ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को हम कैसे अपने दैनिक जीवन में आत्मसात कर सकते हैं, इस पर अपने विचार प्रस्तुत किया। श्रीमती संपा ने दिलकश अंदाज में ‘बेलूर’ कविता का पाठ किया।

कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष चौधरी ने किया। और बेंगॉली एसोसीएशन के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मौके पर अच्छी संख्या में बंगाली समाज के लोग उपस्थित हुए।

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