सालभर की कड़ी मेहनत और लगन के बाद अब नागपुरी-खोरठा फ़िल्म सेरेंग बड़े पर्दे पर आने को तैयार है। झारखंड के मुंडा आदिवासी परिवेश की पृष्टभूमि पर रची बसी इस नागपुरी फ़िल्म को झारखंड के सिनेमा जगत के लिए कल्ट सिनेमा का स्वरूप बताया जा रहा है। इस फ़िल्म के प्रीमियर में दर्शकों को यह फ़िल्म बहुत बार रुलाती और सवेंदनशील करती नज़र आती है। एक महीने के लगातार शूटिंग के बदौलत बने इस बड़े बजट वाली फ़िल्म का निर्माण आकाश यादव, रोशन रॉबर्ट कुजूर और यतीन्द्र मिश्रा ने किया है। फ़िल्म की कहानी जमशेदपुर के वरिष्ठ लेखक जयनंदन ने लिखी है और इसकी पटकथा और निर्देशन एनपीके पुरुषोत्तम ने किया है। यह फ़िल्म चार भाषा नागपुरी,खोरठा, संथाली और हिंदी में है। इस फ़िल्म को U सेंसर सर्टिफिकेट मिला है। इसे सभी उम्र के लोग देख सकते है। यह फ़िल्म आइलेक्स सिनेमा में देख सकते है।
ठीक चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे है – एनपीके
इस फ़िल्म की सबसे मजबूत कड़ी है इस फ़िल्म के निर्देशक एनपीके पुरुषोत्तम। सिमड़ेगा जिले इसे इस युवा फिल्मकार के जोश-जुनून और मेहनत के बदौलत यह फ़िल्म बड़े पर्दे पर अब आने वाली है। इससे पहले एनपीके की फ़िल्म दहलीज़ 2022 मई महीने में ही रिलीज़ हुई थी। उस वक्त यह फ़िल्म काफ़ी लोगो को पसंद आई थी और लोगों को सिनेमाघरों तक खींच लायी थी। अब ठीक चार साल बाद वे फिर से बड़े स्तर पर फ़िल्म को लेकर आने वाले है। झारखंड के सुपरस्टार विवेक नायक – नितेश कच्छप की अब तक की सबसे बेहतरीन फ़िल्म
फ़िल्म में मुख्य किरदार के तौर पर झारखंड के दो बड़े स्टार विवेक नायक और नितेश कच्छप है। विवेक नायक ने सेराज अंसारी का किरदार निभाया है, तो नितेश कच्छप ने संदीप मुंडा का अभिनय किया है। दोनों के अभिनय की काफ़ी तारीफ़ हो रही है। इनके अभिनय का असर इतना है की प्रीमियर में दर्शक रो पड़े है। इसके अलावा काजल मुंडू ने आदिवासी नेता जयमंगल बड़ाईक, समीर सलीब मिंज ने निरसा मुंडा और सलोमी तिर्की ने नगमा ख़ातून की भूमिका निभाई है। फ़िल्म की मुख्य अभिनेत्री श्वेता प्रजापति है, जो जावेद अक्तर – शबाना आज़मी की छत्रछाया में पली-बढ़ी है।
रिलीजिंग संबंधित सूचना फ़िल्म के निर्देशक पुरुषोत्तम कुमार (एनपीके) ने दी है और दर्शकों से फ़िल्म देखने की अपील भी की है।



