झारखंड की अपनी OTT ‘मेरा टीवी’ पर रिलीज हुई फिल्म ‘गिलुआ’

Photo of author

By Mukesh Ram Prajapati

झारखंड के सिनेमा प्रेमियों के लिए यह गर्व और उत्साह का क्षण है। राज्य के अपने स्थानीय ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘मेरा टीवी’ (MeraTV) पर हिंदी फीचर फिल्म ‘गिलुआ’ की रिलीज के साथ झारखंड ने डिजिटल सिनेमा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह है कि ‘गिलुआ’ मेरा टीवी पर रिलीज होने वाली पहली हिंदी फीचर फिल्म है, जिसे दर्शक मात्र ₹50 की किफायती दर पर देख सकते हैं।

मां-बेटे के निस्वार्थ प्रेम की मार्मिक कथा
ज्योति सिन्हा द्वारा प्रस्तुत और राजीव सिन्हा के लेखन-निर्देशन में बनी फिल्म ‘गिलुआ’ एक सात वर्षीय बच्चे और उसकी मां के बीच के गहरे, निस्वार्थ और अटूट भावनात्मक रिश्ते की कहानी है। फिल्म यह दर्शाती है कि कैसे एक छोटा सा बच्चा अपनी मां की खुशी के लिए बड़े-बड़े त्याग और बलिदान करने से भी पीछे नहीं हटता।
फिल्म की सादगी, संवेदनशील प्रस्तुति और भावनात्मक गहराई दर्शकों के दिल को छू लेने में सफल होती है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली पहचान
‘गिलुआ’ ने ओटीटी पर रिलीज से पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना ली है।
• IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया) के प्रतिष्ठित ‘फिल्म बाजार’ खंड में फिल्म का चयन हो चुका है।
• चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और नोएडा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसे स्पेशल मेंशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
• हाल ही में आयोजित 5वें निर्मल पांडे स्मृति फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को ‘बेस्ट म्यूजिक अवॉर्ड’ भी प्राप्त हुआ।

स्थानीय प्रतिभाओं को नया मंच: ‘मेरा टीवी’
रांची में हाल ही में आयोजित ‘मेरा टीवी फिल्म फेस्टिवल’ की सफलता के बाद यह प्लेटफॉर्म झारखंड की स्थानीय फिल्मों और कलाकारों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। ‘मेरा टीवी’ का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक कहानियों और प्रतिभाओं को डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाना है।

कहाँ और कैसे देखें
दर्शक फिल्म ‘गिलुआ’ को www.meratv.in या मेरा टीवी ऐप पर मात्र ₹50 में देख सकते हैं।

प्रमुख कलाकार एवं तकनीकी टीम
• प्रस्तुतकर्ता: ज्योति सिन्हा
• कहानी, पटकथा एवं निर्देशन: राजीव सिन्हा
• संगीत: श्रीकांत एवं जयकांत इंदिवर
• गायक: पलक सोनी, मनीष बारावर
• निर्माता: झारखंड फिल्म एंड थिएटर एकेडमी (JFTA)

‘गिलुआ’ न सिर्फ एक फिल्म है, बल्कि झारखंडी सिनेमा की संवेदनशील सोच, स्थानीय जड़ों और वैश्विक संभावनाओं का सशक्त प्रतिनिधित्व भी है, जो दर्शकों को भावनाओं से जोड़ने का सफल प्रयास करती है।

Leave a Comment