विनोबा भावे विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह में समूह गायन तथा चलंत झांकी की प्रस्तुति भिन्न-भिन्न महाविद्यालय एवं विभागों के द्वारा किया जाएगा।
इस संबंध में विश्वविद्यालय ने आज एक सूचना जारी की है। सूचना में स्पष्ट किया गया है कि झांकी का स्वरूप चलंत होगा। इसमें 10 से 15 विद्यार्थी रह सकते हैं। यह अमृत महोत्सव (देशभक्ति) के विषय पर आधारित होनी चाहिए। यह मुख्य मंच के सामने से गुजरेगा। इसमें किसी प्रकार की नाट्य प्रस्तुति नहीं होनी चाहिए। झांकी में किसी प्रकार के हिंसा का दृश्य दिखाने से परहेज करना है। यदि किसी संघर्ष को दिखाना है तो वह संकेतिक हो सकता है। झांकी में कोई संवाद नहीं होंगे। सभी झांकी दलों को निर्देश दिया गया है कि वह 8:45 तक बिनोदिनी पार्क में पहुंचकर उद्घोषक मंडली को अपना प्रवेश समर्पित करेंगे।
समूह गान के लिए 6 विद्यार्थी होंगे। संगत करने के लिए अधिकतम चार संगीतज्ञ हो सकते हैं। संगीतज्ञ की व्यवस्था महाविद्यालय या विभाग द्वारा की जाएगी। इसमें एक दल केवल एक ही गीत की प्रस्तुति करेगा। गीत देशभक्ति पर ही आधारित होंगे। गीत की प्रस्तुति के लिए 5 मिनट तथा साज सज्जा की तैयारी के लिए अधिकतम 3 मिनट का समय दिया जाएगा।
छात्र कल्याण संकायअध्यक्ष डॉ विकास कुमार ने आगे बताया की प्रत्येक वर्ष की भांति मुख्यालय में अवस्थित विभागों से अधिकतम तीन दल गणतंत्र दिवस में समूह गायन की प्रस्तुति कर सकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय मुख्यालय में अवस्थित विभागीय दल के चयन के लिए ऑडिशन का आयोजन विवेकानंद सभागार में गुरुवार 22 जनवरी को अपराह्न 12:30 से किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के लिए गठित सांस्कृतिक प्रस्तुति समिति के द्वारा ऑडिशन लिया जाएगा। इस समिति के संयोजक है डॉ जॉनी रुफिना तिर्की। इसके अलावा समिति में है डॉ नीरज डांग, डॉ ममता कश्यप, डॉ मृदुला भारती, डॉ विनीता बांकिरा, डॉ अमिता कुमारी, डॉ निशा सिन्हा एवं श्री प्रतिभानंद।
