आइझ-काइल – अमित करमाली

आइझ-काइल

बाप रे! बाप छोंड़ा-छोंड़ी
देखाय जनी, मरद जइसन
सुट-बुट एक जइसन

  पानीक जइसन राइजे आयलाक फइसन
  पुरखाक रीति-रीवाइज छुटले जाय जइसन

फेकेक आर छोडेक आसान भेलक अइसन
आइझ काइल सासता भेलक जइसन

  पारक-बगीचाञ देखाय एके संग
  खेले-कुदे एके संग

जोडाय घुमे एक संग
बाप रे! बाप छोंड़ा-छोंड़ी
देखाय एक जइसन

 सिकरेट-बीअर पीये मरद जइसन
 आखराक,ढोल-मांदइर छोइड
नाचे डीजे अंगरेजीक गाना सुइन

मांञ-बापेक नजइरे नाचे
बहरबड छोंडवइन संग
लाज नाञ लागे एको तइन

  चाहे सरहुल, करम आर टुसु
  गीत गावे नी जाने एको झन

आपन भाखा-संसकिरतिक
छोडे लागल हत अइसन
सांप छोडे आंचूर जइसन

 मुदा सुट-बुट पिंधे अइसन
"आइझ-काइल" जनी देखाय मरद जइसन |

कवि- अमित करमाली

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