तोयँ झारखंडेक बाघ हलें – कवि कामेश जी

झारखण्डी शेर के नामें श्रद्धांजलि कविता तोयँ झारखंडेक बाघ हलेंराइग गेलें फुफवाइल नाग हलेंडुमरिक तोयँ चिराग हलेंठेठ देहाती दिमाग हलेंसंघरसें हदकल आइग हलेंलाचारेक चमकल भाइग हलेंशिवा बाबाक अनुराग हलेंJMM के तोयँ पाग हलेंझूठ बुइधगर खातिर तोयँ घाघ हलेंहाजिर जबाबी में बेबाक़ हलें झारखण्डेक राजनीति के तोयँ पहचान हलें1932 के सकत सम्मान हलेंखोरठा के तोयँ मान … Read more

पलायन (विदेश चइल गेल) – आजाद वर्णवाल

पलायन (विदेश चइल गेल) बाइस बछरेक जुवान झारखंडपता नाइ चलल कइसे बीत गेल!राइज बनल लोकेक जगल आसझारखंडी छोइड़ बाहरी ढुकाय देल!! कोयला आर लोहाक बनल फेकटेरीकते झारखंडी विस्थापित होय गेल!लोकेक सोसन आर अतियाचार देखीपेटेक जालांय गांव पलायन भय गेल!! सोंचला आब भासा संसकिरति बाचतरोजगारेक आसे-आसे उमर बीत गेल!कहला मांय माटी भासाक करब रक्छामेंतुक कुरसी पावल, … Read more

हाइरे कलि जुगवा बेटवा – अमित करमाली

हाइरे कलि जुगवा बेटवा हाइरे कलि जुगवाकमाल करल भारी रूपेक सुंदर जनी पायमांयेक दुधेक करज के बिसरल अनारीजनीक बाते लागी मांयेक करे गारी-फारीजनीक खातिर बेस – बेस काजर पाउडरमांय लागिन जुटे नांञ एको टिकलीहाइरे कलि जुगवा बेटवाकमाल करल भारी अनपढ़ गवारो दादामांगे ससुर से गाड़ीगाड़ी नी मिले तोबहुक करे थुरा- थूरीहाइरे कलि जुगवा बेटवाकमाल करल … Read more

आइझ-काइल – अमित करमाली

आइझ-काइल बाप रे! बाप छोंड़ा-छोंड़ीदेखाय जनी, मरद जइसनसुट-बुट एक जइसन फेकेक आर छोडेक आसान भेलक अइसनआइझ काइल सासता भेलक जइसन जोडाय घुमे एक संगबाप रे! बाप छोंड़ा-छोंड़ीदेखाय एक जइसन मांञ-बापेक नजइरे नाचेबहरबड छोंडवइन संगलाज नाञ लागे एको तइन आपन भाखा-संसकिरतिकछोडे लागल हत अइसनसांप छोडे आंचूर जइसन कवि- अमित करमाली