हजारीबाग में बनी फिल्म “जगतगुरु श्री रामकृष्ण” दूरदर्शन नेशनल पर कल होगी प्रसारित

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आध्यात्मिक चेतना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित फिल्म जगतगुरु श्री रामकृष्ण का प्रसारण कल दिनांक 21 फरवरी 2026 (शनिवार) को सुबह 11 बजे देश के प्रतिष्ठित चैनल दूरदर्शन नेशनल पर किया जाएगा। यह फिल्म झारखंड के हजारीबाग में निर्मित एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि मानी जा रही है। फिल्म के निर्माता गजानंद पाठक, निर्देशक डॉ. … Read more

नाट्यालय, रांची और भारती विद्यापीठ, पुणे की संयुक्त टीम ने नासिक में मंचित किया नाटक ‘मोपला 1921’

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नाट्यालय (रांची, झारखंड) और भारती विद्यापीठ COFA (कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स), पुणे की संयुक्त टीम द्वारा प्रस्तुत नाटक “मोपला 1921: द वूम्ब ऑफ साइलेंस” का मंचन नासिक के ऐतिहासिक परशुराम सायखेडकर नाट्य मंदिर में रविवार, 5 जनवरी 2025 को हुआ। प्रस्तुति के दौरान कलाकारों द्वारा ऐसा नाट्य क्षण सृजित हुआ, जिसने दर्शकों को भीतर तक … Read more

पढ़ाइ – सोनी कुमारी

पढ़ाइ छउवे घरी लेल पीछातखने ले परेसान हीई कधिया सिरयतयओकरे आसे लागल ही । कतेक दिन से झोला उठवलीहांथे मुडें आरो बेगे टांगल हीमगजेक बोझा कधिया हटतयओकरे आसे लागल ही । कतना गाइर माइर के सहलीरइट रइट के माथा पागल हीकधिया एकर फल पाइबयओकरे आसे लागल ही । छउवा ले जुवान तक पाइलीघार छोइड़ परदेस … Read more

हाम मासटर लागी – सुमन कुमार किट्टु

खोरठा कविताहाम मासटर लागी हाम मासटर लागी, मकिन इ मत सोच,छउवा के सिखवे ब इठल हिहाम डाक बनवे ब इठल हिहाम कहाँ पढवे ब इठल हि कतेक एसी.सी कतेक एस. टी कतेक ओ. बी.सी,कतेक जनरल दाखिल लेला,कतेक कर आधार बनल ऐखन तक,कतेक कर खाता खुलल हेमकिन हियां कागज मे उलझन हिआपन नौकरी बचवे ब इठल … Read more

मिटे नायं दिहा माटिक मान – विनय तिवारी

मिटे नायं दिहा माटिक मान जखन हाम होसेक दुनियाएंडेग राखल हलोंतखनी से तोर नारा, पोस्टर बैनरमीटिंग सिटिंग देख हलोंआपन माटी, आपन भासा, आपन संस्कृति,आपन राइजके जे आइग लागल हलसय आंगीं हामहुं जरो हलों।आंधे-मुंधें पुलिसे पिटलकते बम गोली चललहामहुं जान बचवेक फेरायं तोहनीं संगबोन बाटें दौड़- हेलों।कते लोक जेल गेलाकते लोक जान देलासेय सोब के घार … Read more

मानुसे मानुस के मारे लागल – विनय तिवारी

मानुसे मानुस के मारे लागल मानुस आर मानुस नायं रहलमानुसे, मानुस के मारे लागलधन दौलतेंक पेछुएँ भेल एते पागलकि आपन खुइनो के नायं चिन्हे लागल।भाय बनल आइज भाय के दुसमनबुढ़ा मांय-बाप बोझ लागे लागल।आपन-पोर,हित-मितर सोबटाकाक ओजनें तोलाय लागल।प्रेम-पिरितेक ठांवें आबसोना-चांदी चमके लागल।फूल-सहिया आर गोतियागावँ घार ले हेराय लागल।मांदइर बेचारा कोंका भेलझुमइर बइस के कलपे लागल।के … Read more

रे झारखंडी – रितु घांसी

रे झारखंडी रे झारखंडी, कते निंदाइल हेंएखनो त नजइर खोल !हियांक माञ माटी आर भासाकऊपर संकट !ताव तोञ निंदाइल हें ! आंइख खोल !उठ, जाग, आर एकजुट होवमांञ, माटिक आर भासाकसंकट दूर कर !! माथाञ फेटा, हाथे ठेंगालइके हुँकाइर भरआवा हो झारखंडीसभे गोठाप एक ठीन ।। हाथे बाँबरा, काँधे धेनुसजागा रे झारखण्डेक मानुसनाञ त सताइब … Read more

भाखा – रितु घांसी

भाखा हाम लागी भाखा, भाखाक मान जोगाय राखाहामर नजइर चाइरो दन, तनी ओनाय के देखा।ओहाइर कइर के देखा, गोहाइर कइर के सुना।साड़ा ही सबद ही , उ तो हाम्हीं लागी भाखा ओनाइ के सुना, नजइर गबचाय के देखाडेढ़ करोड़ लोकेक, जीवेक भीतरे हामर बासा।आर आइझ देइख ले हे, हामर इ दासाआझुक नउतन छउवा, हेंरावला हामर … Read more

मानुसेक सक्ति – रमेश कुमार

मानुसेक सक्ति हे मानुस! बुझ नाञ् –तोंञ् आपन के हीन,उठ–उठ,जाग–जाग –आपन के तोंञ् चिन्ह| तोर गातेक आइगे –होवे पारे पहार धूरा |तोर मगजेक धार देइख –लाजे पराइ जितो छूरा | अंगे – गाते- मने जगाव –बोल – बुइध – भोरोसा,तभी पूरा हवत सभे –पुरखाक देखल -आसा | कवि – रमेश कुमार

ओझाक (सोखाक) भेउ – रमेश कुमार

ओझाक (सोखाक) भेउ हां रे,,, के,, के,, देखले हा –भूत – डाइन ?जो,,जो,, हाम्हूं देखबइ,तनी हांकाइ आन, कइसन होवे हे डाइन भूतेक जाइतकइसें उ सब मोरावे हे मानुसेक जाइत ? हांकाव,,हांकाव,, उखनी केतनी हाम्हूं देखबइ,,उखनी सें बतियइबइ,,गप सप करबइहाल चाल पूछबइ ! कि कहलें,,,उ सब रहो हथ –सोसाने,, मसाने,, मुरदार घाटें ?उखनी के बस कइर … Read more