ओझाक (सोखाक) भेउ – रमेश कुमार
ओझाक (सोखाक) भेउ हां रे,,, के,, के,, देखले हा –भूत – डाइन ?जो,,जो,, हाम्हूं देखबइ,तनी हांकाइ आन, कइसन होवे हे डाइन भूतेक जाइतकइसें उ सब मोरावे हे मानुसेक जाइत ? हांकाव,,हांकाव,, उखनी केतनी हाम्हूं देखबइ,,उखनी सें बतियइबइ,,गप सप करबइहाल चाल पूछबइ ! कि कहलें,,,उ सब रहो हथ –सोसाने,, मसाने,, मुरदार घाटें ?उखनी के बस कइर … Read more