नुनू जितइ ससुराइर – पुनीत साव
नुनू जितइ ससुराइर दारी-खोंखरी करे गेल हे,हमर नुनू नउवाक घर।नहाय-धोय के अइत इ ताब,खाय-पीय के जितइ संपइर! नावा-नावा कपड़ा पिंधतइआर कसतइ चमोटी!केंस चिरतइ ककरी सें आरसोलह पाइर के धोती! हाथें घड़ी,मोबाइल राखतइआर आंखीं चसमा!गोड़ें पिंधतइ चमरखानी जूताहीरो से देखइतइ कम नाञ! हामें पकाय-चोकाय देबइ,घटरा,ढुसका आर बररा!आर पकइबइ फुलोरी अडिसाससुराइर जितइ नुनू सररा! संदेस देतइ सास-ससुर … Read more