भेल हो बिहान – कुमारी अहिल्या

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By Krishna Kunal

भेल हो बिहान

सुना हो सुना हो
कोन दिगे पाराइल हाक
जागा हो भेल हो बिहान
आइलो नावा बिहान
समझा बुझा आर
आगु गोड़ चे बढावा
आब आइलो नावा बिहान
कान कटवा से बाचा
आपन मान के बचावा
कइर जिगिस्ता पढ़ा लिखा
भेवा समझदार ! हकंइध आगु बढ़ा
करा आपन दुरा पार
लोक लाज छोइड़ के
बढ़ावा आपन सान ।
अस्सी से नब्बे होवा
होवा नाइ केकरो से कम
देखावा आपन ताकइत
आइलो नावा बिहान ।
जागा जागा हो
भेल हो बिहान ।

कवि – कुमारी अहिल्या

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