झूठ कर दोष – मनोज कुमार कपरदार
झूठ कर दोष आलस्य कर आंईख मेंप्यार कर सपना देखह हलयलाल साड़ी पिंइंद केआपन सूरज कर आशा मेंरोइज रहह हलय उषादिन जैसे जैसेचढ़े लागलयडइर गेलय उषायाद आवे लागलयआपन संगी संध्या कर बातउ तो थईक गेलयथईक के हाइर गेलयएगो भोड़ा इलचीलागे लागलयघूईर गेलय भारी मनेहामराउषा कर ऐसन घूईर गेलठीक नाय लागलयकहीं ओकरझूठ कर स्वाभिमानचांद कर जईसनआत्महत्या … Read more