
रांची स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी (SBU) में चित्रपट झारखंड के तत्वावधान में आयोजित झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल–2026 का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, डायरेक्टर जनरल, तथा विशिष्ट अतिथि एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) जगनाथन चोकलींगम ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर फेस्टिवल की स्मारिका “चित्रपटल” का भी लोकार्पण किया गया।
फेस्टिवल के लिए देशभर से 84 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 67 फिल्मों का चयन स्क्रीनिंग के लिए किया गया है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें झारखंड की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन और स्थानीय प्रतिभाओं की विविध झलक देखने को मिलेगी।
उद्घाटन सत्र में चर्चित लघु फिल्म “सुरुजमुखी” का प्रदर्शन किया गया। फिल्म की स्क्रीनिंग को उपस्थित दर्शकों, फिल्मकारों एवं विद्यार्थियों ने खूब सराहा। फिल्म की प्रशंसा करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक ने कहा कि “सुरुजमुखी” संवेदनाओं से भरपूर एक उत्कृष्ट लघु फिल्म है। इसका प्रत्येक फ्रेम अत्यंत सुंदर, प्रभावशाली और कलात्मक है। झारखंड में इस प्रकार की सार्थक एवं संवेदनशील फिल्मों का निर्माण होना वास्तव में काबिले-तारीफ है। ऐसी फिल्में समाज को सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ राज्य की सृजनात्मक क्षमता और फिल्म निर्माण की संभावनाओं को भी नई पहचान प्रदान करती हैं। वहीं फिल्म के निर्देशक सुमित कुमार सिन्हा को सम्मानित करते हुए प्रो. (डॉ.) पाठक ने कहा कि भारतीय सिनेमा दादा साहब फाल्के के दौर से लेकर आज के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) युग तक एक लंबी और प्रेरणादायी यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य और प्रतिभाओं से समृद्ध राज्य है तथा यहां फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने चुटुपालू घाटी, जोन्हा फॉल, दशम फॉल और पत्रातु डैम जैसे स्थलों को उत्कृष्ट फिल्म शूटिंग लोकेशन बताते हुए इन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने सरला बिरला यूनिवर्सिटी में फिल्म मेकिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे युवाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलेगा तथा झारखंड का उभरता फिल्म उद्योग नई पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
विशिष्ट अतिथि एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) जगनाथन चोकलींगम ने कहा कि नई सोच, युवा प्रतिभाएं और तकनीक का समन्वय झारखंड सिनेमा की तस्वीर बदल सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म उद्योग की सफलता रचनात्मकता, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग पर निर्भर करती है। उन्होंने तमिल सिनेमा में भारतीराजा, इलैयाराजा, मणिरत्नम और ए.आर. रहमान जैसे रचनाकारों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड के युवा भी भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि सरला बिरला यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन विभाग में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मीडिया लैब विकसित की जा रही है। साथ ही भविष्य में फिल्म मेकिंग, ड्रामा एवं क्रिएटिव आर्ट्स से संबंधित डिग्री पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय झारखंड के फिल्म एवं रचनात्मक उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह, सचिव सुमित मित्तल, सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार, जूरी सदस्य डॉ. देवव्रत सिंह, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन विभागाध्यक्ष, नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य आशुतोष द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रतिभागियों, फिल्मकारों तथा कला एवं संस्कृति से जुड़े गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल–2026 के आगामी सत्रों में विभिन्न विधाओं की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन, संवाद, परिचर्चा एवं फिल्म निर्माण से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह महोत्सव झारखंड के उभरते फिल्मकारों, कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को अपनी सृजनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा तथा राज्य के फिल्म उद्योग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।











