
चित्रपट झारखंड के तत्वावधान में सरला बिरला यूनिवर्सिटी (SBU), रांची में 26-28 जून तक आयोजित तीन दिवसीय झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल–2026 का सफल एवं गरिमामय समापन हुआ। इस महोत्सव ने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय प्रतिभाओं तथा उभरते फिल्म उद्योग को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हुए राज्य में फिल्म निर्माण की नई संभावनाओं का द्वार खोल दिया।
महोत्सव का शुभारंभ 26 जून को सरला बिरला यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जनरल प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) जगनाथन चोकलींगम ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर महोत्सव की स्मारिका “चित्रपटल” का भी लोकार्पण किया गया था।
देशभर से प्राप्त 84 फिल्मों की प्रविष्टियों में से 67 फिल्मों का चयन प्रदर्शन के लिए किया गया। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में विभिन्न श्रेणियों की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन, कार्यशालाएं, परिचर्चाएं, पैनल डिस्कशन तथा संवाद सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों से आए फिल्मकारों, विद्यार्थियों एवं सिनेमा प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में चर्चित लघु फिल्म “सुरुजमुखी” का प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों, फिल्मकारों एवं विद्यार्थियों ने अत्यंत सराहा साथ ही फिल्म के निर्देशक सुमित कुमार सिन्हा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म के अभिनेता मुकेश राम प्रजापति, राकेश बाबू, श्वेता भारती सहित पूरी टीम उपस्थित रही।
28 जून को आयोजित समापन समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसके बाद मुंडारी लोक नृत्य एवं देशभक्ति पर आधारित नाटक “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह आयोजन समाज को सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा देने वाला महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अभियान है। उन्होंने कहा कि मनोरंजन के साथ-साथ सिनेमा को समाज, परिवार और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया ने कलाकारों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराया है। झारखंड की संस्कृति, लोकजीवन और प्राकृतिक सौंदर्य को फिल्मों एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए विश्व स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन झारखंड की सांस्कृतिक ब्रांडिंग को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
डायरेक्टर जनरल प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक ने समापन अवसर पर घोषणा की कि चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल से प्रेरित होकर सरला बिरला यूनिवर्सिटी में शीघ्र ही फिल्म मेकिंग की विधिवत शिक्षा प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सिनेमा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार कर रही है और झारखंड इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रज्ञा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एवं तीन दिवसीय आयोजन की विस्तृत रिपोर्ट चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह ने प्रस्तुत की।
महोत्सव में चित्रपट झारखंड के सचिव सुमित मित्तल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (उत्तर क्षेत्र) के संघचालक मा. देवव्रत पाहन, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के मास कम्युनिकेशन विभागाध्यक्ष डॉ. देवव्रत सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार, राजीव सिन्हा, फिल्म निर्देशक विकास कुमार, अमरेश कुमार, कुमार विवेक, प्रसून झा (RKDF), विकास कुमार (VPRA), प्रवीण दूबे, नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य आशुतोष द्विवेदी, शिक्षकगण, विद्यार्थी, फिल्मकार, कलाकार तथा कला एवं संस्कृति जगत से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय इस महोत्सव ने न केवल झारखंड के उभरते फिल्मकारों, कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को अपनी सृजनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि राज्य में फिल्म निर्माण, कौशल विकास और रचनात्मक उद्योग के विस्तार की नई संभावनाओं को भी मजबूती दी। समापन समारोह के दौरान अगले वर्ष झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल को और अधिक व्यापक, भव्य एवं राष्ट्रीय स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा भी की गई।









