सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा बने वि॰भा॰वि के कुलसचिव

विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के प्राध्यापक श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा को विश्वविद्यालय का कुलसचिव नियुक्त किया गया है। इस संबंध में शनिवार देर शाम को विश्वविद्यालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा वर्तमान में विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी के दायित्व में भी है।

इसी के साथ लगभग एक वर्ष से चली आ रही कुलसचिव पद को लेकर अनिश्चितता का दौड़ को समाप्त माना जा सकता है। श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा मूल रूप से हजारीबाग के बड़कागांव के निवासी है। उनके पिता गुरुदयाल महतो की ख्याति समाजसेवी के रूप में दूर-दूर तक फैली हुई है।

श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा की प्रारंभिक शिक्षा आदर्श मध्य विद्यालय बड़कागांव में हुई। उसके बाद उन्होंने हजारीबाग के ऐतिहासिक जिला स्कूल में दाखिला लिया जहां से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा दी। ज्ञात हो की 1865 में स्थापित जिला स्कूल हजारीबाग का सबसे पुराना शैक्षणिक संस्थान है।

श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने उसके बाद साइंस लेकर इंटर की पढ़ाई संत कोलंबा महाविद्यालय में किया। संत कोलंबा महाविद्यालय से ही उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग से उन्होंने स्नातकोत्तर की पढ़ाई को पूर्ण किया। तत्पश्चात उन्होंने भारत के ख्याति प्राप्त जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली से शोध में एमफिल (M.Phil) की उपाधि अर्जित की।

झारखंड लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पर 2008 में श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा की नियुक्ति संत कोलंबा महाविद्यालय में की गई। बाद में वह विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी नियुक्त किए गए और उनका स्थानांतरण विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग में कर दिया गया।

श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा की छवि एक सुलझे हुए, मृदुभाषी, सज्जन शिक्षक की है। अपने को ‘लो-प्रोफाइल’ रखते हुए कार्यों के त्वरित निष्पादन करने में विश्वास रखते हैं। वित्त पदाधिकारी की व्यस्तताओं के बावजूद वह अर्थशास्त्र विभाग में नियमित वर्ग लेते हैं तथा विद्यार्थियों में काफी लोकप्रिय है।

उनके नाम पर अधिसूचना जारी होने के बाद से ही विश्वविद्यालय से संबंधित अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप में बधाई की होड़ लगी हुई है

Leave a Comment