पढ़ाइ – सोनी कुमारी
पढ़ाइ छउवे घरी लेल पीछातखने ले परेसान हीई कधिया सिरयतयओकरे आसे लागल ही । कतेक दिन से झोला उठवलीहांथे मुडें आरो बेगे टांगल हीमगजेक बोझा … Read more
पढ़ाइ छउवे घरी लेल पीछातखने ले परेसान हीई कधिया सिरयतयओकरे आसे लागल ही । कतेक दिन से झोला उठवलीहांथे मुडें आरो बेगे टांगल हीमगजेक बोझा … Read more
खोरठा कविताहाम मासटर लागी हाम मासटर लागी, मकिन इ मत सोच,छउवा के सिखवे ब इठल हिहाम डाक बनवे ब इठल हिहाम कहाँ पढवे ब इठल … Read more
मिटे नायं दिहा माटिक मान जखन हाम होसेक दुनियाएंडेग राखल हलोंतखनी से तोर नारा, पोस्टर बैनरमीटिंग सिटिंग देख हलोंआपन माटी, आपन भासा, आपन संस्कृति,आपन राइजके … Read more
मानुसे मानुस के मारे लागल मानुस आर मानुस नायं रहलमानुसे, मानुस के मारे लागलधन दौलतेंक पेछुएँ भेल एते पागलकि आपन खुइनो के नायं चिन्हे लागल।भाय … Read more
रे झारखंडी रे झारखंडी, कते निंदाइल हेंएखनो त नजइर खोल !हियांक माञ माटी आर भासाकऊपर संकट !ताव तोञ निंदाइल हें ! आंइख खोल !उठ, जाग, … Read more
भाखा हाम लागी भाखा, भाखाक मान जोगाय राखाहामर नजइर चाइरो दन, तनी ओनाय के देखा।ओहाइर कइर के देखा, गोहाइर कइर के सुना।साड़ा ही सबद ही … Read more
मानुसेक सक्ति हे मानुस! बुझ नाञ् –तोंञ् आपन के हीन,उठ–उठ,जाग–जाग –आपन के तोंञ् चिन्ह| तोर गातेक आइगे –होवे पारे पहार धूरा |तोर मगजेक धार देइख … Read more
ओझाक (सोखाक) भेउ हां रे,,, के,, के,, देखले हा –भूत – डाइन ?जो,,जो,, हाम्हूं देखबइ,तनी हांकाइ आन, कइसन होवे हे डाइन भूतेक जाइतकइसें उ सब … Read more
निसा केकरांञ हे निसा केकरांञ हे,केकरो सबाल हे,केकरो जबाब हे,केकरो मिजाइज हे,केकरो धाक हे,केकरो खइयाल हे,केकरो जबाब हे,कि निसा केकरांञ् हे ? निसा दरुवांञ् हे,निसा … Read more
माहंगा दुनियादारीक अइसने चिंता फिकिर ,एकर खातिर कते खिचीर फिचिर । चाइरो बाटे लोक भिखनाइल हथकेव कम त केव बेसी धराइल हथ । हेवइ बोड़ … Read more