पढ़ाइ – सोनी कुमारी
पढ़ाइ छउवे घरी लेल पीछातखने ले परेसान हीई कधिया सिरयतयओकरे आसे लागल ही । कतेक दिन से झोला उठवलीहांथे मुडें आरो बेगे टांगल हीमगजेक बोझा कधिया हटतयओकरे आसे लागल ही । कतना गाइर माइर के सहलीरइट रइट के माथा पागल हीकधिया एकर फल पाइबयओकरे आसे लागल ही । छउवा ले जुवान तक पाइलीघार छोइड़ परदेस … Read more