
झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देश पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग ने चार-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर संचालित वनस्पति विज्ञान (Botany) और जंतु विज्ञान (Zoology) विषयों तथा विभागों का विलय कर दिया गया है। अब इन दोनों विषयों की पढ़ाई ‘लाइफ साइंसेज’ (Life Sciences) के नाम से कराई जाएगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष एवं नोडल पदाधिकारी डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि चार-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में मेजर विषय के रूप में अब विद्यार्थियों को वनस्पति विज्ञान या जंतु विज्ञान के बजाय लाइफ साइंसेज का चयन करना होगा। हालांकि, माइनर विषय के रूप में वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान की पढ़ाई पूर्ववत जारी रहेगी।
डॉ. कुमार ने बताया कि लाइफ साइंसेज का पाठ्यक्रम पहले की तुलना में अधिक व्यापक और बहुआयामी होगा। इसमें वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान दोनों विषयों के महत्वपूर्ण अध्यायों एवं अवधारणाओं को समाहित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को जीव विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों की समग्र जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
विश्वविद्यालय के अनुसार इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा उपलब्ध कराना तथा उनके लिए रोजगार और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर सृजित करना है। बदलते शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिदृश्य को देखते हुए लाइफ साइंसेज को एक व्यापक विषय के रूप में विकसित किया गया है।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर स्तर पर वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान दोनों विषयों को अलग-अलग बनाए रखा है, ताकि विद्यार्थी अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार किसी एक विषय में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकें।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार चार-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में लाइफ साइंसेज विषय से अध्ययन करने वाले विद्यार्थी आगे स्नातकोत्तर स्तर पर वनस्पति विज्ञान अथवा जंतु विज्ञान में से किसी एक विषय में नामांकन लेकर उच्च अध्ययन कर सकेंगे।
इस बदलाव को नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







