राँची : झार न्यूज़ आपन माटी आपन देश के सोंधापन लइ के आइझ ऑनलाइन प्रिंट मीडिया में आइ गेल हइ। कह हथ नी की हर पहिल चीज के आदमी भुलाय नाय पारे हे। चाहे उ पहिल माइर या पहिल पियार हे। जिनगी भइर ईयाद राखे हे। आइझ झार न्यूज के पहिल अंक तोहिन के हाथ मे होंन आर हमरा बुझा हे की तोहिन भी ई पहिल अंक के जिनगी भइर भूले नाय पारबाय। आइझ से दु बछर पहिले झार न्यूज के सभे से खोरठा दिवस में मिलल हली। खोरठा समाचार चैनल में झार न्यूज पहिल चैनल लागे। जे आपन सुरुवात माय कोरवा भाषा खोरठा दिवस के दिन से सुरु भेल हे। आर आइझ तक आगु बढ़ते जाय लागल हे,आर बढ़ते रहत। एकर हर डेग में निष्पक्ष, निडर आर तथ्यपरक बात रहत।
पहिल अंक में पहिल सुभ सन्देश लिख के मन मे कते गुदगुदी होवे लागल हे। आशा होंन तोहिन खोरठा साहित्यकार, खोरठा परेमी ,खोरठा शोधार्थी , और खोरठा पढवइया सब के लिये झार न्यूज के खोरठा पेज बढ़िया लगतोंन। आर आपन मन के बात हिंया बिना डर ,बिना लाज के राखे पारबाई। इ पेज खास कइर के खोरठा साहित्यकार, खोरठा भासा परेमि, खोरठा शोधार्थी सोब खातिर ही हइ। तो आइझ से झार न्यूज में आपन माटी आपन देस के पढ़ा आर लिखा। सोब के जगह मिलतोंन, एकर में कोई दलगत,राजनीति के हावी होवेले नाय देल जइतय। हिंया किसान ,मजदूर, बेपारी सब के बात रहत। ई झार न्यूज खाली सहर के ही नाय गांव के लोगवइन के भी आवाज बनत।
एक बार छोट-बड़ सब के अभिनंदन सबके बधाई आर सबके आभार। झार न्यूज जन जन तक असथापित होवे, लोकपिरियता आर तरकी करे,निसपछ खबर के साथ आगु बढ़ते रहे। सावन के ढ़इरो ढइर सुभकामना के साथ तोहिन के अनाम अजनबी।
