सरकारी बोर्ड लगी जमीन पर चार दिन तक जुताई, भू-माफियाओं ने प्रशासन को दी खुली चुनौती
चतरा : सिमरिया अंचल में सरकारी गैरमजरूआ भूमि पर एक बार फिर अतिक्रमण की कोशिश ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जमीन को अंचल प्रशासन पहले ही सरकारी संपत्ति घोषित कर वहां बोर्ड लगा चुका है, उसी भूमि पर पिछले चार दिनों से खुलेआम जुताई किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है कि आखिर सरकारी जमीन पर यह गतिविधि किसके संरक्षण में चलती रही। जानकारी के अनुसार, सिमरिया अंचलाधिकारी गौरव कुमार राय के निर्देश पर संबंधित भूमि पर पहले ही सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाया गया था, ताकि उस पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो। इसके बावजूद लगातार कई दिनों तक ट्रैक्टर से जुताई किए जाने की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व इसी सरकारी गैरमजरूआ भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अंचल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी। अतिक्रमण हटाने के साथ दो लोगों को हिरासत में लिया गया था तथा कई लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। उस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकारी भूमि पर कब्जे की कोशिशों पर रोक लगेगी, लेकिन ताजा घटना ने प्रशासन की सख्ती की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जमीन सरकारी है और वहां प्रशासन का बोर्ड भी लगा हुआ है, तो फिर खुलेआम जुताई कैसे होती रही। लोगों का मानना है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही कृषि कार्य में इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर एवं अन्य उपकरणों को जब्त कर सरकारी भूमि पर दोबारा अतिक्रमण की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के हौसले और बढ़ सकते हैं। हालांकि स्थानीय स्तर पर अंचलाधिकारी गौरव कुमार राय अपनी सख्त कार्यशैली के कारण “सिंघम सीओ” के नाम से भी जाने जाते हैं। ऐसे में देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

