संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव...
साहित्य
( ससुरघारें ) बाप तोञ हमरा एक छोटो से, पाली-पोसी काहे करले अपन से दूर। कुछ दिन...
खोरठा लोक गीतेक महानायक : विनय तिवारी हजारों गीत लिख खोरठा भाषा, लोकगीत आर झारखंडी संस्कृति के...
घारें हो बिनी,पंखा,एसी,कूलर साभे हो खलि नांव के? बिजली-लाइन रहबे नांय करतो ताब ई साब हो कोन...
लेखक – प्रेमचंदखोरठा अनुवाद – अम्बुज कुमार ‘अम्बुज ‘ रमजानेक पुरा तीस रोजाक बादें ईद आइल हे...
पढ़ाइ छउवे घरी लेल पीछातखने ले परेसान हीई कधिया सिरयतयओकरे आसे लागल ही । कतेक दिन से...
खोरठा कविताहाम मासटर लागी हाम मासटर लागी, मकिन इ मत सोच,छउवा के सिखवे ब इठल हिहाम डाक...
मिटे नायं दिहा माटिक मान जखन हाम होसेक दुनियाएंडेग राखल हलोंतखनी से तोर नारा, पोस्टर बैनरमीटिंग सिटिंग...
मानुसे मानुस के मारे लागल मानुस आर मानुस नायं रहलमानुसे, मानुस के मारे लागलधन दौलतेंक पेछुएँ भेल...
रे झारखंडी रे झारखंडी, कते निंदाइल हेंएखनो त नजइर खोल !हियांक माञ माटी आर भासाकऊपर संकट !ताव...

