विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में निष्ठा और ईमानदारी से कार्य किया तथा कभी फल की चिंता नहीं की। ईश्वर ने उनके कर्मों का उचित प्रतिफल दिया और आज विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा सहकर्मियों का स्नेह उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
वे शुक्रवार को स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग के तुलसीदास सदन में आयोजित विदाई-सह-सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. सुबोध कुमार सिंह ‘शिवगीत’ ने की। मंच पर पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विजयकांत धर दुबे एवं डॉ. गुप्ता की धर्मपत्नी श्रीमती जयंती गुप्ता भी उपस्थित थीं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि विदाई अंत नहीं, बल्कि कर्मक्षेत्र का परिवर्तन है। अब तक मिले प्रत्येक दायित्व का उन्होंने पूरी निष्ठा से निर्वहन किया और भविष्य में भी समाज तथा शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल अपने हित के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी कार्य करें। उन्होंने कहा, “दूसरों के कल्याण से बड़ा कोई धर्म नहीं और किसी को कष्ट देने से बड़ा कोई पाप नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि वे समय-समय पर विभाग आते रहेंगे।
समारोह का शुभारंभ स्वागत गीत एवं गणेश वंदना नृत्य से हुआ। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. केदार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए डॉ. गुप्ता के साथ बिताए संस्मरण साझा किए। शिक्षाशास्त्र विभाग की ओर से पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता पूर्व में शिक्षाशास्त्र विभाग के निदेशक भी रह चुके हैं।
इस अवसर पर शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शुभचिंतकों ने शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर डॉ. गुप्ता का सम्मान किया। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जयंती गुप्ता को भी साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया। दूर-दराज से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों ने अपने प्रिय गुरु के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे समारोह भावनात्मक वातावरण में बदल गया।
कार्यक्रम में पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों की ओर से शशि कुमार, उज्ज्वल, दीपिका, अनुपम, ललित प्रभाकर, पूर्व छात्रा अनु कुमारी, डॉ. कनक तथा डॉ. राजू राम ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. सुनील कुमार दुबे ने किया।
समारोह में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुला सांगा, डॉ. शारदा शर्मा, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. एस. जेड. हक, विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी, पूर्व विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



