22 झारखंड बटालियन एनसीसी के अंतर्गत मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हजारीबाग की एनसीसी इकाई के कैडेट ने थल सेना कैंप, दिल्ली में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। दिल्ली से स्वर्ण पदक जीतकर महाविद्यालय लौटे कैडेट का कॉलेज परिसर में भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने उनकी उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्वागत समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. गजेंद्र कुमार सिंह ने स्वर्ण पदक विजेता एनसीसी कैडेट को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि थल सेना कैंप जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक प्राप्त करना महाविद्यालय के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि कैडेट की प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण और कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और सेवा भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कैडेट की यह सफलता महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी एनसीसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
इस अवसर पर एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर संतोष रविदास ने कहा कि थल सेना कैंप में प्रतिभाग करना ही कैडेटों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जबकि वहां स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण कैडेटों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व, टीम भावना, समय-प्रबंधन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने स्वर्ण पदक विजेता कैडेट की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता 22 झारखंड बटालियन एनसीसी, मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स तथा पूरे हजारीबाग के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित थल सेना कैंप में कैडेट ने जिस लगन और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह अन्य एनसीसी कैडेटों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कैडेट की सफलता के पीछे प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की।
समारोह के दौरान स्वर्ण पदक विजेता कैडेट का पुष्पगुच्छ एवं सम्मान के साथ स्वागत किया गया।


