
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में निषिद्ध मादक पदार्थ के दुरुपयोग के विरुद्ध संचालित जागरूकता अभियान का नोडल विभाग (राजनीति विज्ञान विभाग) के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा को झारखंड सरकार ने स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है। गुरुवार को रांची के शौर्य भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में डॉ मोइत्रा को यह सम्मान झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के कर कमल से प्राप्त हुआ है।
मौके पर रांची की महापौर रमा खालको, झारखंड सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं कारा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती वंदना ददेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ अजय कुमार सिंह, उच्च एवं तकनीक शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डॉ राहुल पुरवार, खेल, कला-संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव मुकेश कुमार, दक्षिणी छोटानागपुर के आयुक्त एवं रांची के उपायुक्त एवं अन्य की उपस्थिति में दिया गया है।
यह सम्मान डॉ मोइत्रा को झारखंड सरकार के महिला, बाल एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में आयोजित निषिद्ध मादक पदार्थ के दुरुपयोग के विरुद्ध संचालित जागरूकता अभियान में वर्ष 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिया गया है।
झारखंड के विश्वविद्यालयों में केवल विनोबा भावे विश्वविद्यालय ने कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा की प्रेरणा से उत्कृष्ट कार्य किया है। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय से इस कार्य में लगे मुख्य व्यक्ति का नाम आमंत्रित किया था। विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देशानुसार कुलसचिव श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने डॉ सुकल्याण मोइत्रा के नाम की अनुशंसा की थी।
डॉ मोइत्रा ने 30 अप्रैल और 23 जून को प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन की पहल की थी।
डॉ मोइत्रा से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के पीछे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्रभूषण शर्मा की प्रेरणा और आशीर्वाद है। उन्होंने ही यह जिम्मेदारी दी थी। हर प्रकार का सहयोग भी उन्होंने दिया। नाम की अनुशंसा भी उन्होंने ही किया है।
उन्होंने बताया कि नशाखोरी की समस्या से वह खुद बहुत विचलित रहते हैं। पहले से भी इस क्षेत्र में कार्य करने का मन बना चुके थे। अब जब झारखंड सरकार ने सम्मानित किया है तो और बढ़ चढ़कर इस क्षेत्र में अपना योगदान देंगे।






