रांची : जिला मुख्यालय ले लगभग 35 किलोमीटर दुर बेड़ो प्रखंड में हरिहरपुर जामटोली गांव हय। वहे जामटोली के खक्सीटोली में वाटरमैन कर घार हय। उ वाटरमैन कोई आर नाय बल्कि पद्मश्री सम्मान से सम्मानित सिमोन उरांव हेकय। सिमोन उरांव 12 पड़हा राजा के नाम से भी जानल जा हय। सिमोन उरांव के मानले तो अभी से कई बछर पहिले उकर गांव आर आस पास कर 10 ले बेसी गांव रहय जहां पियेक पानी कर खूब कमी हलय। गाँवेक लोग पियेक पानी लाने खातिर कोसो दूर जा हलत। पियेक पानी के एतना कमी हलय की हियांक लोग खेती-बारीक बारे में सोचअ भी नाइ हलत। ई सोब सिमोन उरांव के देखल नाय गेलय , आर गांवेक लोग से भेटाय सिमोन उरांव जन आंदोलन करें लागल। गांवे-गांवे जाई के बैठकी कइर कुइया आर बांध बनावेक बिचार करे लागल। आखिरकार सोब गांवेक लोग मिल जुइल के खटला आर 6 बांध, 10 कुइया आर 3 पोखइर बनइला।
देखो, करो, सीखो, खाव और दूसरों को खिलाव
आइझ इ गोटे प्रखंडेक लोग के न तो पिये खातिर आर नाय खेती-बारी करे खातिर पानी के कमी हय। आब तो हियांक लोग के घारे-घारे पानी पोहइच रहल हय। दुइर-दुइर तक खेती-बारी भय रहल हय। आर तो आर गांवेक लोग पोखरियन में मछरी भी पोइस रहल हत।
कमाना है तो जमीन से लड़ो, बर्बाद होना है तो आदमी से लड़ो
अगर बात करल जाय बोन-झार बचाव के, तो सिमोन उरांव हर बरस 1 हज़ार ले बेसी गाछ लगाव हलय। जेकर में कतई गाछ तो जड़ी-बूटी कर भी हय। सिमोन उरांव ग्रामीण विकास आर पर्यावरण कर क्षेत्र में ढ़इर बेस काम करले हत। जे खातिर बरस 2016 में पूर्व राष्ट्रपति कर हांथे पद्मश्री सम्मान भी मिलल है।
