युवाओं में नैतिक मूल्यों का सिंचन और स्वामी विवेकानंद के कालजयी विचारों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से 4 अक्टूबर 2026 को विवेकानंद आईटीआई (जबरा रोड, कोर्रा) हजारीबाग के प्रांगण में अखिल भारत विवेकानंद युवा महामंडल के तत्वावधान में हजारीबाग इकाई द्वारा ‘एक दिवसीय युवा प्रशिक्षण शिविर’ का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। शिविर का मुख्य ध्येय युवाओं के आत्म-विकास, मन की एकाग्रता और एक सशक्त एवं सुंदर चरित्र का निर्माण करना था।
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए महामंडल की केंद्रीय समिति, कोलकाता से विशेष रूप से श्री प्रमोद रंजन दास, श्री अनूप दत्ता एवं अन्य गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर के प्रारंभिक सत्र को डॉ. सजल मुखर्जी, डॉ. राजकुमार चौबे, श्री धर्मेंद्र सिंह एवं श्री अपूर्वा दास ने संबोधित किया और युवाओं को स्वामी जी के ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ के संदेश को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
दिनभर चले इस ज्ञानवर्धक शिविर में विशेषज्ञों द्वारा मुख्य रूप से मन की एकाग्रता, सुंदर जीवन का गठन, चरित्र निर्माण की विधि, चरित्र के उत्कृष्ट गुण और स्वामी विवेकानंद का प्रेरक जीवनवृत्त जैसे अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर गहन और प्रेरणादायी कक्षाएं ली गईं।
शिविर के उत्तरार्ध में श्री गजानंद पाठक, श्री अजय पांडेय, श्री सुरेंद्र कुमार यादव एवं डॉ. साकेत पाठक ने स्वामी विवेकानंद जी की शिक्षाओं और आज के दौर में उनकी प्रासंगिकता पर ज्ञानवर्धक चर्चा की।
छात्रों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
इस शिविर में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों के कुल 140 ऊर्जावान प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रश्नोत्तर और अनुभव-साझा (Feedbacks) सत्र के दौरान युवाओं ने अत्यंत उत्साह और उत्सुकता के साथ अपनी जिज्ञासाएं रखीं और शिविर के दौरान मिली सीख को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन अत्यंत पवित्र वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार और राष्ट्र-कल्याण की प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ।


