चतरा: चतरा समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आज ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के उपायुक्त रवि आनंद एवं पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मियों ने स्व. शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया गया तथा उनके समाज, राज्य और देश के प्रति योगदान को स्मरण किया गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि स्व. शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले जननायक थे। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय समाज के वंचित, शोषित और गरीब वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में समर्पित किया। उनके संघर्ष, त्याग और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
उपायुक्त ने कहा कि झारखंड आंदोलन को नई दिशा देने और राज्य के गठन की लड़ाई को मजबूत करने में स्व. शिबू सोरेन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए। उनके नेतृत्व और संघर्ष के कारण लाखों लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि स्व. शिबू सोरेन का जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प, संघर्ष और जनसेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इस अवसर पर उपायुक्त ने यह भी बताया कि आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए बुलंद आवाज उठाने वाले एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक स्व. दिशोम गुरु शिबू सोरेन को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से मरणोपरांत सम्मानित किया गया। यह सम्मान जून माह में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रूपी सोरेन ने ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल स्व. शिबू सोरेन के संघर्ष और योगदान का सम्मान है, बल्कि पूरे झारखंड और आदिवासी समाज के लिए भी गर्व का विषय है।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी स्व. शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि स्व. शिबू सोरेन का जीवन समाज के प्रति समर्पण, संघर्ष और सेवा का प्रतीक रहा है। उनके विचार, आदर्श और जनकल्याण की सोच आने वाले समय में भी लोगों को प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम का समापन उनके प्रति सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के हित में कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।

