स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अन्नदा महाविद्यालय के सभागार में विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच स्वतंत्रता के विविध आयामों पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को भाषण एवं कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की पहल पर किया गया, जिसमें विभिन्न संस्थानों एवं विभागों के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भाषण प्रतियोगिता का विषय ‘स्वतंत्रता का जश्न और भविष्य के प्रश्न’ तथा कविता प्रतियोगिता का विषय ‘कलम या कि तलवार’ था। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों और कविताओं के माध्यम से स्वतंत्रता के अर्थ, वर्तमान चुनौतियों, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा पीढ़ी की भूमिका तथा भविष्य के भारत से जुड़े प्रश्नों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में अन्नदा महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अजय वर्मा तथा युवा कवि आतिश आलोक उपस्थित रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की विषयवस्तु, भाषा, प्रस्तुति, अभिव्यक्ति तथा विषय के अनुरूप विचारों के आधार पर मूल्यांकन किया। इसके साथ ही प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को नगद पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ स्वतंत्रता के वर्तमान संदर्भ और युवा पीढ़ी की जिम्मेदारियों को लेकर सार्थक संवाद भी हुआ। आयोजकों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के मूल्यों को समझने, वर्तमान का मूल्यांकन करने और भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


